दिल की बातें
दिल की बात, धीरे से कहती हूँ, हौले से सुनना मैं शब्द हूँ ,मुझको भावों में, पिरो कर सुनना ।।
शनिवार, 2 मई 2026
न तुम कुछ कहो न हम कुछ कहें
बेहतर है अब सब चुप रहें
तुम्हारी शिकायतों की लिस्ट
तुम्हारे प्यार से भी बड़ी हो गई
हम तौलने बैठे थे खुद को
इल्जामों के नीचे दब गए
जाओ प्यार सिखाने वाले
तुझे सारे गुनाहों से मुक्त किया
अब वो सारे गुनाह
मेरे सर हो लिए।
~ बोधमिता
नई पोस्ट
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)